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प्रारंभ से ही ईसीआईएल एक प्रौद्योगिकी संचालित कंपनी रही है। देश की परमाणु ऊर्जा विभाग के सहयोग से ही कंपनी ने अनेक प्रौद्योगिकियों और अनेक उत्पादों को प्रथम बार देश में प्रस्तुत किया। रचनात्मक वर्ष में, ईसीआईएल अपने प्रयत्नों को सरल बनाने में बुद्धिजीवियों को उत्कृष्ट करने में सफल हुए। |
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उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के परिणाम स्वरूप वैश्विक दुनियां के सर्जक कंपनी से बहुत सारे सुप्रशिक्षित शिल्पवैज्ञानिकों और प्रबंधकों ने उत्कृष्ट किया और इसके परिणाम स्वरूप प्रतियोगितात्मकता का भण्डार कम होता गया। संघर्षण एव वैश्विक परिदृश्य बन गया है और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। ग्राहकों की अपेक्षाएं भी तेजी से बदल रही है और उनमें से अनेक मुख्य रूप से सामरिक इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में पूर्ण समाधान चाहते है। आज कम से कम ईसीआईएल जैसे बहु-अनुशासनिक संगठन में विशेषज्ञों को रखना यदि असंभव नहीं तो बहुत मुश्किल जरूर है। संगठन की आयु एवं सेवानिवृत् प्रोफाईल भी इस मामले को और गंभीर करती है। |
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| अतएव, सामरिक व्यापारिक इकाइयों एवं अन्य सेवा कार्यो में परियोजना टीम के प्रयासों को पूरक करने के लिए कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने कंपनी के लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की सेवाएं किराए पर लेने का निर्णय लिया। अपेक्षित सुविज्ञता उन क्षेत्रों में खलती है जो अधिवर्षिता के कारण रिक्त हो गए और कुछ विशिष्ट क्षेत्र जो कंपनी में अपेक्षित स्तर पर विद्यमान नहीं है। नीति के अनुसार, ईसीआईएल ने निम्न स्तर पर सुविज्ञों को नियुक्त किया है: |
- वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ
- तकनीकी विशेषज्ञ
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