| इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड की स्थापना भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में अनुसंधान और विकास के उत्पादकीय प्रयासों द्वारा भारत की नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम के नियंत्रण एवं उपकरणीकरण की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु अनिवार्य रूप से किया गया था। 1967 के प्रारंभ से ही यह इलेक्ट्रानिक्स, उपकरणीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के निश्चित क्षेत्रों में परमाणु ऊर्जा विभाग के सभी योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रयत्नों में पूर्ण सहयोग करती है। ईसीआईएल सार्थक रूप से भारतीय नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रमों को एक महानतम ऊंचाई पर पहुंचने में सुसाध्य बनाती है। आज ईसीआईएल यह दावा करने में गौरवान्वित महसूस करता है कि देश के सभी प्रचालित नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों में रिएक्टरों की सुरक्षित और विश्वसनीय प्रचालन में ईसीआईएल द्वारा अभियांत्रिक और विनिर्माण उपकरणीकरण और नियंत्रण प्रणालियों द्वारा सहयोग किया जाता है। यह प्रदत्तता अयस्क निष्कर्षण से आरंभ करते हुए खपत ईंधन प्रबंधन तक पूर्ण नाभिकीय ईंधन चक्र में I&C पदचिह्न के साथ विविध रिएक्टर प्रौद्योगिकियों को कवर करती हैं। यह गर्व की बात है कि कंपनी ने इलेक्ट्रानिक्स के इस अत्यावश्यक क्षेत्र में देश की स्वसंक्षम बनाया है। जो समय-समय पर राष्ट्र के प्रौद्योगिकी प्रतिवादी शिकंजों के संदर्भ में सार्थक है। इस प्रकार ईसीआईएल ने नाभिकीय ऊर्जा में एक सशक्त विश्वसनीय स्वदेशी प्रौद्योगिकी आधार के निर्माण में योगदान दिया। |
| उत्पाद एवं सेवाएं: |
| ईसीआईएल राजस्थान एवं तमिलनाडु जैसे पुरातन ऊर्जा उत्पाद संयंत्रों के लिए हार्ड वायर्ड रीले लॉजिक प्रणालियाँ आपूर्ति की। जैसाकि नई प्रौद्योगिकियां उपलब्ध हैं, ईसीआईएल नरोरा और काकरापाड़ा संयंत्रों के लिए अंशत: कंप्यूटरीकृत प्रणाली की आपूर्ति करने में क्रमबद्ध हैं। ईसीआईएल ने तारापूर, काईगा और रावतभाटा, राजस्थान के नई ऊर्जा उत्पादन इकाईयों के लिए कार्यक्रमीय लॉजिक नियंत्रण आधारित कंप्यूटर और सूचना प्राणलियां प्रदान की है। |
|
| गहराई और विविधता: |
| ईसीआईएल की पीएलसी आधारित नियंत्रण प्रणाली और स्कैडा में व्यापक अनुभव है एवं 25 वर्षों से भी अधिक से तेल और गैस पाईपलाइन के लिए उप-प्रणालियों की आपूर्ति और ऊर्जा प्रबंधन कर रही हैं। नाभिकीय क्षेत्रों में ईसीआईएल ने यूरेनियम कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड, जमशेदपुर के पास अयस्क प्रक्रिया संयंत्र के लिए पीएलसी आधारित नियंत्रण प्रणाली आभियांत्रित और आपूर्ति की हैं। |
| |
| नियंत्रण प्रणाली में दोष सहन पीएलसी एवं पीसी आधारित स्कैडा, हार्ड वायर्ड बेकअप के साथ मानवीय मशीन अंतरापृष्ट प्रणाली विद्यमान है। ईसीआईएल ने भापअकें, तारापुर में नियंत्रण और मॉनिटरन व्यय ईंधन पुन:प्रक्रिया के लिए प्रणालियां भी विकसित की है। |
| |
| नाभिकीय ऊर्जा के क्षेत्र में ये अपूर्व यात्रा उत्कृष्ट उपलब्धियों और असाधारण संपादनों के लिए सदैव चिह्नित किया जाएगा। ईसीआईएल के अभियंताओं और वैज्ञानिकों ने इसे संभव बनाया है, जिसकी प्रतिबद्धता और लगन संस्थान को एक राष्ट्रीय संपत्ति में परिवर्तित कर दिया है। ईसीआईएल नाभिकीय पुनर्जागरण के लिए तेजी से बढ रहीं है। |
| अनुसंधान और विकास: |
| अनुसंधान और विकास गतिविधियों के अलावा ईसीआईएल ने भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र और न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड द्वारा विकसित मूल रूप को अपनाया और उन्हें औद्योगिक उपयोग के लिए उत्पादों और प्रणालियों में अभियांत्रित किया। हाल ही में, कंपनी ने द्रूत रिएक्टर, ईंधन चक्र परियोजना इत्यादि के लिए C&I की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केन्द्र के साथ सामरिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया और उच्च निष्पादन कंप्यूटर प्रणाली और सुरक्षा पर भी हस्ताक्षर किया। प्रौद्योगिकी योजना परियोजना/ समाधान की पहचान, निधिकरण और परियोजना मॉनिटरन प्रौद्योगिकी विकास परिषद, एक संस्थानिक यंत्रावली के माध्यम से किया जाता है। परमाणु ऊर्जा विभाग के महत्वकांक्षी कार्यक्रमों और विस्तार योजनाओं में सहयोग हेतु समयानुसार उत्पादिकरण और अनुसंधान एवं विकास के व्यवहार्य का उन्नयन किया जाता है। |
| संरचना: |
| ईसीआईएल के सभी सामरिक व्यवसाय देश की नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रमों की विविध आवश्यकताएं संघटक से जटिल प्रणालियों में परिवर्तित हो गई। तथापि, परमाणु ऊर्जा विभाग के महत्वकांक्षी कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रभाग नाभिकीय क्षेत्र हेतु पूर्णरूप से समर्पित हैं। वे हैं: |
- नियंत्रण एवं स्वचालन प्रभाग
- विकिरण संसूचक एवं उपकरणीकरण प्रभाग
- नियंत्रण एवं उपकरणीकरण प्रभाग
|
उपर्युक्त के अलावा, निम्न प्रभाग सिमूलेटर, पर्यावेक्षी नियंत्रण, सुरक्षा, इंक्रिप्शन इत्यादी क्षेत्रो में निश्चित उत्पाद और समाधान प्रदान करते हैं। वे हैं: |
- ऐन्टेना उत्पाद एवं साटकॉम प्रभाग
- नियंत्रण एवं उपकरणीकरण प्रभाग
- उपकरण एवं प्रणाली वर्ग
- दूर संचार प्रभाग
- ग्राहक सहयोग प्रभाग
- संघटक प्रभाग
|
| गुणता, संरक्षा, सूचना सुरक्षा और वातावरणिक अनुपालन |
नाभिकीय क्षेत्र के लिए परियोजना साधन के पूर्ण जीवन चक्र हेतु आधारभूत संरचना, गुणता की अंतिम उपयोगी आवश्यकताओं और विश्वसनीयता संरक्षा, सूचना सुरक्षा एवं वातावरणीय अनुपालन पर ध्यान देने के साथ पूर्णरूप से आधुनीकीकृत और विकसित है। निम्न सुविधाओं के सृजन सहित भापअकें के सहयोग से मुख्य उपक्रम जो अनुपालन के अंतिम चरण में है। |
- उत्कृष्टता की ईएमआई/ईएमसी केन्द्र
- कॉम्पैक्ट ऐन्टेना परीक्षण सुविधा
- उच्च घनत्व इंटरकनेक्शन प्रौद्योगिकी के साथ पीसीबी सुविधा
- विकिरण संसूचक और उपकरणीकरण निरूपण
|
| कंपनी के समस्त प्रभाग अपने संबंधित गुणता प्रणाली प्रबंधन हेतु आईएसओ 9001 द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रमाणित है। पूर्ण कंपनी अपने पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली और व्यवसायिक स्वास्थ्य एवं संरक्षा हेतु ओएचएसएएस 18001 के अनुसार प्रमाणित है। व्यासमापन एवं मापन प्रयोगशाला आईएसओ 17025 के अनुसार मान्यता प्राप्त हैं। सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली आईएसओ 27001 के अंतर्गत प्रमाणित है। |
| |
संरक्षा प्रबंधन प्रणाली परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के नियामक संरचना द्वारा आवृत है और यह आवधिक परीक्षा, निगरानी एवं प्रबंधन समीक्षा का विषय है। |
| |
अधिक जानकारी के लिए उपर्युक्त संबंधित प्रभाग पर क्लिक करें। |