| ईसीआईएल की स्थापना परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत वर्ष 1967 में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक श्रेणी इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में सशक्त स्वदेशी क्षमता का विकास करना था। कंपनी की वर्तमान कर्मचारी क्षमता 5100 (3000 अधिकारी और 2100 कर्मगार) है। कंपनी एक विनिर्माण कंपनी के रूप में प्रारंभ हुई थी जो स्वदेशीकरण और आत्म-निर्भर होकर विनिर्माण प्रचालन में परिनियोजित मानव संसाधन की बहुलता है। उत्तर उदारीकरण युग ने व्यवस्थित विस्तार और बाजार दबाव से विवश पुनःसंरचना के कारण, मुख्य रूप से मानव संसाधन के क्षेत्र में कंपनी के लिए कई चुनौतियां प्रस्तुत की। भारत सरकार की सहायता से कंपनी कर्मचारियों के लिए आकर्षक स्वेच्छा सेवा-निवृति प्रस्तावित की, जिसने तार्किक प्रतिक्रिया आकृष्ट की। कंपनी ने विद्यमान मानवशक्ति के पुनःप्रशिक्षण और पुनःविस्तार के लिए कई कार्यक्रमों को प्रारंभ भी किया जिससे कि लाभकर रोजगार और लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। |
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